महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं। पूरा परिवार महिलाओं की व्‍यवस्‍था में जीता है। वह घर की मालकिन होती हैं। घर को चलाने का हुनर महिलाओं के पास है। अपने बच्‍चे से लेकर पूरे परिवार की देखभाल करने की जिम्‍मेदारी वे बखूबी संभालती हैं। इस वजह से उन्‍हें स्‍वयं के प्रति ध्‍यान देने की फ़ुर्सत नहीं मिल पाती और दूसरों की देखभाल में ख़ुद को कमज़ोर कर लेती हैं। महिलाओं की कमज़ोरी न सिर्फ़ उनके शरीर व स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करती है बल्कि उनके अस्‍वस्थ हो जाने से पूरा परिवार प्रभावित हो जाता है।

महिलाओं की कमज़ोरी

महिलाओं की कमज़ोरी का घरेलू उपचार

कमज़ोरी के चलते होने वाली बीमारियां

महिलाओं को कमज़ोरी के चलते कुछ बीमारियां हो जाती हैं जिनमें मासिक धर्म की अनियमितता, दुबलापन, सिरदर्द, श्‍वेत प्रदर, रक्‍त प्रदर व कमर दर्द आदि। आज हम इसके लिए एक नुस्‍खा बताने जा रहे हैं जो उन्‍हें कमज़ोरी से बचाकर इन बीमारियों से न सिर्फ़ बचाएगा बल्कि यदि ये हो गई हैं तो इन्‍हें दूर भी भगाएगा।

घर पे बनाएं दवा

महिलाओं की कमज़ोरी दूर करने के लिए पंसारी के यहां से कुछ सामग्री ले आएं जिसमें स्वर्ण भस्म या वर्क -10 ग्राम, मोती पिष्टी – 20 ग्राम, शुद्ध हिंगुल – 30 ग्राम, सफेद मिर्च – 40 ग्राम, शुद्ध खर्पर – 80 ग्राम, गाय के दूध का मक्खन – 25 ग्राम, नीबू का रस – थोडा सा, ले आएं। स्‍वर्ण भस्‍म या वर्क व हिंगुल को खूब मिला लें ताकि दोनों एक जान हो जाएं। अन्‍य सभी पदार्थों को एक में मिलाकर मक्‍खन के साथ घोटें। इसके बाद नींबू के रस को कपड़े की चार तह करके छानकर मक्‍खन के साथ घोंट रहे दवाइयों में मिला दें और घुटाई शुरू करें। यह घुटाई चिकनाई आने तक की जानी चाहिए। इसमें लगभग आठ-दस दिन का समय लग सकता है। इसके बाद उसकी एक-एक रत्‍ती की गोलियां बना कर रख लें।

कैसे करें सेवन

बनाई गई गोलियों में से एक या दो गोली रोज़ सुबह-शाम एक चम्‍मच च्‍यवनप्राश के साथ लें। इसके नियमित सेवन से महिलाओं की कमज़ोरी दूर होती है, साथ ही प्रदर रोग, शारीरिक क्षीणता आदि से निजात मिलती है। शरीर स्‍वस्‍थ, सुंदर व सुडौल होता है। शरीर बलशाली होता है और सभी अंगों को ताकत मिलती है। यह औषधि स्‍वर्ण मालिनी वसंत के नाम से बाजार में भी उपलब्‍ध है।

सावधानी

दवा लेने में कोई विशेष सावधानी नहीं बरतनी है। लेकिन परिवार का ध्‍यान रखने में ख़ुद को भूल न जाएं, इसके प्रति सावधान ज़रूर रहें। सबकी देखभाल करें लेकिन अपनी भी करें, अपने स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सतर्क रहें। क्‍योंकि यदि परिवार की महिलाएं अस्‍वस्‍थ हो गईं तो पूरा परिवार कभी स्‍वस्‍थ नहीं रह सकता। परिवार के लोगों को भी महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य पर विशेष ध्‍यान देने की ज़रूरत है। उनकी छोटी-छोटी समस्‍याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्‍काल उसके उपचार की व्‍यवस्‍था करनी चाहिए। इसके अलावा घर के पुरुष सदस्‍य को चाहिए कि महिलाओं की बातों को तवज्‍जो दें, अक्‍सर उनकी बातें व चाहत उपेक्षित कर दी जाती हैं, इससे उन्‍हें मानसिक संताप होता है जो उन्‍हें लगतार कमज़ोर करता चला जाता है। उन्‍हें पूरा प्‍यार दें और उनका सम्‍मान करें। इससे उनका मन स्‍वस्‍थ रहेगा जिसका असर शारीरिक स्‍वास्‍थ्‍य पर भी पड़ेगा। महिलाएं स्‍वस्‍थ रहेंगी तो परिवार खुशहाल रहेगा।