मस्‍सों का मूल कारण पैपीलोमा वायरस _ Papilloma Virus है। इसकी वजह से शरीर पर जगह-जगह छोटे-छोटे खुरदरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिन्‍हें मस्‍सा कहते हैं। यदि अनचाहे मस्से चेहरे पर हैं तो ख़ूबसूरती प्रभावित करते हैं। ये दो रंग के होते हैं- काले व भूरे और इनके आठ से बारह प्रकार होnते हैं। यदि आप मस्‍से से परेशान हैं जो बिल्‍कुल न घबरायें, घर में ही इनके दुश्‍मन मौजूद हैं जो मस्‍सों को जड़ से समाप्‍त कर देंगे।

अनचाहे मस्से का इलाज
Unwanted wart or verruca

अनचाहे मस्से हटाने के उपाय

– मस्‍से को जड़ से हटाने के लिए लहसुन अकेले पर्याप्‍त है। इसकी कली छिल लें और उसे काट कर अनचाहे मस्से पर नियमित रगड़ने से कुछ ही दिन में मस्‍से सूख कर गिर जाते हैं।

– रात को सोते समय अरंडी के तेल में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर मस्‍सों पर लगा लें, इनमें मौजूद सलिसिलिक अम्ल उन्‍हें कुछ ही दिनों में समाप्‍त कर देता है।

– प्‍याज का रस लगाने से भी अनचाहे मस्से समाप्‍त हो जाते हैं।

– यदि मस्‍सों पर दिन में तीन-चार बार खट्टे सेब का जूस लगाया जाए तो कुछ ही दिनों में मस्‍से विदा हो जाते हैं।

– अगरबत्‍ती से से भी मस्‍सों को जलाया जाता है। अगरबत्‍ती जलाकर अनचाहे मस्से पर लगाएं और तुरंत हटा लें, ऐसा आठ-दस बार करें। मस्‍से सूखकर झड़ जाएंगे।

– एलो वेरा का ताज़ा टुकड़ा लें और उसका जेल निकालकर लगाएं।

– मधु लगाने से भी मस्‍से ठीक होते हैं। मस्‍सों पर मधु रात को सोने से पहले व सुबह उठने के बाद लगाना चाहिए।

– आलू काटकर मस्‍सों पर रगड़ने से भी मस्‍से समाप्‍त हो जाते हैं।

– बरगद के पत्‍तों का रस लगाने से भी अनचाहे मस्से ठीक होते हैं तथा त्‍वचा कोमल होती है।

– नियमित दिन में दो बार केले के छिलके को अंदर की तरफ़ से लगाकर पट्टी बांधने से भी मस्‍से ख़त्‍म हो जाते हें।

– अरंडी या कपूर का तेल नियमित लगाने से मस्‍से चले जाते हैं।

– पान में खाने वाला चूना मिलाकर घिसना भी मस्‍सों की अचूक औषधि है। इसे मस्‍सों पर तब तक घिसें जब तक मस्‍से उसका पूरा रस सोख न लें।

-यदि सावधानी पूर्वक थूहर का दूध या कार्बोलिक एसिड लगाया जाए तो भी मस्‍से समाप्‍त हो जाते हैं।

– कच्‍चे लहसुन की पट्टी मस्‍सों पर बांध दें और एक सप्‍ताह के लिए इन्‍हें छोड़ दें। जब आप पट्टी खोलेंगे तो अनचाहे मस्‍सों को नहीं पाएंगे।

Papilloma virus verruca
Papilloma virus verruca

होम्‍योपैथिक इलाज

– मस्‍सों के इलाज की सबसे अच्‍छी औषधि थूजा है। इसकी 30 और 200 शक्ति का सेवन करना लाभदायक होता है। यह सभी प्रकार के मस्‍सों की कारगर औषधि है।

– एक होम्‍योपैथिक औषधि है- नाइट्रिक एसिड। यह फूलगोभी की तरह खुरदरे, टेढ़े-मेढ़े, खून निकलने वाले मस्‍सों की कारगर औषधि है। इसकी 12 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।

– पुराने व काफ़ी दर्द करने वाले अनचाहे मस्से में नैट्रम म्यूर की 30 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।

– पुरुषों में जनेंद्रिय की सुपारी के पीछे के मस्‍सों के लिए ऐन्टिम टार्ट की 12 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।

– यदि शरीर पर बहुत से छोटे-छोटे कठोर मस्‍से हो गए हों, उनकी जड़ मुलायम व ऊपरी हिस्‍सा कठोर तो ऐसे में कास्टिकम 30 शक्ति का प्रयोग लाभप्रद होता है।

– हाथ के अनचाहे मस्से के लिए कैलि म्यूर औषधि का सेवन करना चाहिए, इस औषधि की 3x मात्रा एक चम्मच पानी में मिलाकर लोशन बनाकर लगाने से शीघ्र लाभ मिलता है।

– बड़े-बड़े कठोर व काले मस्‍सों के लिए सीपिया औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग लाभप्रद है, इसके बाद सल्‍फर की ज़रूरत होती है।

नोट– होम्‍योपैथिक दवाओं का इस्‍तेमाल किसी योग्‍य होम्‍योपैथिक चिकित्‍सक के परामर्श से ही करें।