यूरिक एसिड का बढ़ना कई बीमारियों को जन्‍म दे सकता है जिनमें गठिया प्रमुख है। इससे आजकल ज़्यादा लोग पीडि़त हैं। सुबह सोकर उठने के बाद हाथ-पैरों की अंगुलियों के जोड़ों में दर्द, पीठ, कमर व पैर में दर्द, तलवों में जलन या दर्द आदि परेशान करने लगते हैं। बहुत देर तक एक अवस्‍था में बैठे रहने या सोये रहने के बाद उठकर तत्‍काल चलना मुश्किल हो जाता है। तलवों में कंकड़ गड़ने जैसा महसूस होता है, थोड़ी देर तक शरीर को सक्रिय करने के बाद ही चलन-फिरना संभव हो पाता है। यदि समय पर इसका इलाज न कराया गया तो परेशानी बढ़ जाती है और रोगी का बिस्‍तर से उठना भी मुश्किल हो जाता है। आज हम यूरिक एसिड को कम करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

यूरिक एसिड कंट्रोल करना

यूरिक एसिड कम करने के उपाय

– यूरिक एसिड व गठिया से निजात दिलाने में अजवाइन के बीज के अर्क कारगर है। यह अति प्राचीन प्राकृतिक उपचार है जिसका उपयोग गठिया रोग को समाप्‍त करने के लिए बहुत पहले से किया जा रहा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और डाइयूरेटिक गुण मौजूद होता है। यह यूरेनरी एंटीसेप्टिक भी है। अजवाइन का उपयोग दर्द को कम करने के साथ ही अनिद्रा की समस्‍या, बेचैनी, घबराहट, नर्वस ब्रेकडाउन आदि में भी लाभ करता है। कई प्रकार के हर्बल सप्‍लीमेंट में भी इसके बीजों व जड़ों का इस्‍तेमाल किया जाता है।

– शरीर में पानी की कमी हो तो कई तरह के विकार उत्‍पन्‍न हो जाते हैं। इसलिए दिन में कम से कम तीन लीटर पानी का सेवन ज़रूर करें। शरीर में पानी की मात्रा पर्याप्‍त रहने पर यूरिक एसिड पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाता है। हर घंटे पर दो-तीन गिलास पानी जरूर पीयें।

– चेरी का सेवन लाभ पहुंचाएगा। चेरी में मौजूद एंटी इंफ्लामेट्री तत्‍व श्‍रीर में यूरिक एसिड नियंत्रित करते हैं। इसके लिए एक दिन में दिन 10 से 40 चेरी का सेवन करना चाहिए लेकिन एक साथ सभी चेरी न खाएं, थोड़ी-थोड़ी देर पर इसे लेते रहें। इससे बढ़ी हुए यूरिक एसिड की मात्रा घट जाती है।

– भोजन या नाश्‍ते में कम से कम आधा किलो विटामिन सी वाले फल-सब्ज़ियों का उपयोग ज़रूर करें। विटामिन सी यूरिक एसिड की उच्‍च मात्रा को कम करने में मदद करता है, इससे यूरिक एसिड पेशाब के रास्‍ते बाहर निकल जाता है। नींबू का साइट्रिक एसिड भी यूरिक एसिड को कम करने में मददगार है, इसे भी अपने आहार में शामिल करें।

Control formation of Uric Acid…

– एंटी ऑक्‍सीडेंट्स व विटामिन फ्री रेडिकल्स अणुओं को शरीर के अंग और मसल टिशू पर आक्रमण करने से रोकते हैं, इससे यूरिक एसिड की मात्रा कम होती है। लाल शिमला मिर्च, टमाटर, ब्लूबेरी, ब्रोकली और अंगूर एंटीऑक्सीडेंट व विटामिन के बड़े स्रोत हैं।

– शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाने पर उसे कम करना बहुत आसान नहीं होता लेकिन 2-3 ग्राम शतावर की जड़ का चूर्ण प्रतिदिन दूध या पानी के साथ लिया जाए तो इसकी मात्रा भी घटती है और कमज़ोरी भी दूर हो जाती है। इसके साथ गाजर व चुकंदर का जूस भी लेते रहें तो शीघ्र आराम होता है।

– सेब के सिरका के सेवन से ख़ून का पीएच वैल्यू बढ़ जाता है। इससे भी यूरिक एसिड कम होता है। सेब का सिरका कच्‍चा होना चाहिए, उसे बिना पानी मिलाए पीना चाहिए और वह पाश्‍चरीकृत नहीं होना चाहिए।

– बेकरी फूड का सेवन न करें, इसमें सुगर की मात्रा ज़्यादा होती है, इसके सेवन से यूरिक एसिड बढ़ सकता है। पेस्‍ट्री व केक खाने से परहेज़ करना चाहिए।