यदि आप दुबले-पतले यानि Underweight हैं तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। यह किसी तरह का रोग नहीं है बल्कि अनियमित आहार-विहार व असंयमित जीवन इसका प्रमुख कारण है। यदि आहार-विहार संभाल लें और जीवन को थोड़ा संयमित कर लें तो दुबलेपन का उपचार हो सकता है।

दुबलेपन का कारण

जठराग्नि (पेट के अंदर की अग्नि जो खाना पचाती है) के मंद हो जाने से भोजन पच नहीं पाता और अपेक्षित रस शरीर को नहीं प्राप्त होता है। चूंकि रस से रक्त, रक्त से माँस, माँस से मेद, मेद से हड्डी, हड्डी से मज्जा व शुक्र धातु बनता है, जो शरीर को बलिष्ठ बनाता है। शरीर को रस कम मिलने से रस से निर्मित होने वाली चीजें भी कम मात्रा में शरीर को प्राप्त होती हैं, इससे शरीर दुबला हो जाता है। इसके अलावा इसके अनेक और कारण हो सकते हैं-

  1. चिंता व मानसिक तनाव
  2. हार्मोंस का असंतुलित होना
  3. कब्ज़, मधुमेह व अनिद्रा आदि रोग भी दुबलेपन के कारण हो सकते हैं

दुबलेपन का उपचार

दुबलेपन के दुष्प्रभाव

अधिक दुबलापन व्यक्ति को काफ़ी कमज़ोर बना देता है और अनेक बीमारियों की आशंका को जन्म देता है। ऐसा व्यक्ति थोड़ा काम करके ही थक जाता है। प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है। ऐसे व्यक्तियों में क्षय रोग, सांस रोग, हृदय रोग, गुर्दा रोग, टायफ़ाइड व कैंसर होने की आशंका बलवती हो जाती है। यदि गर्भवती स्त्री में दुबलापन है तो उसपर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

दुबलेपन का उपचार

दादी कहती थीं कि सुबह का भोजन राजा जैसा, दोपहर का भोजन आम आदमी जैसा और रात का भोजन गरीब जैसा होना चाहिए। अर्थात जितने भी पौष्टिक आहार हैं, ज्यादा कैलोरीयुक्त भोजन, उनका सेवन सुबह ही करना चाहिए। दोपहर में सामान्य भोजन व रात में बहुत सामान्य भोजन करना चाहिए। इतना ही कर लिया जाए तो दुबलेपन का उपचार हो सकता है। इसके अलावा भी कुछ उपाय हैं, इनमें से जितना संभव हो, करें अन्यथा परेशान न हो।

  1. सुबह 3-4 किलोमीटर टहलें।
  2. खूब चबाकर भोजन करें।
  3. सुबह-शाम शौच जाने की आदत डालें।
  4. नियमित व्यायाम करें।
  5. ज़्यादा कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  6. जंक फ़ूड से बचें।
  7. सुबह-शाम दूध के साथ च्यवनप्राश का सेवन करें। इससे ऊर्जा भी बढ़ेगी और मेटाबोलिज़्म भी मज़बूत होगा।
  8. शतावरी कल्पा का सेवन करें। इससे आँखों व मसल्स को लाभ पहुंचता है।
  9. वसंतकुसुमकर रस का प्रयोग करें। आंतरिक ऊर्जा प्रदान करने के साथ ही यह वज़न भी बढ़ाता है।
  10. अश्वगंधा व शतावरी का 3-3 ग्राम चूर्ण दूध के साथ सुबह लें।
  11. रात को भिगोए हुए लगभग 50 ग्राम किशमिश को सुबह चबा-चबाकर खाएं।
  12. पास्ता व सलाद के साथ मिल्क क्रीम लें।
  13. संभव हो तो रोज़ 20 ग्राम अखरोट का सेवन करें।
  14. केला व दूध, नारियल व दूध, आलू, बींस व काजू का भी सेवन किया जा सकता है।

किसमें मिलती है ज़्यादा कैलोरी

रोटी, रेड मीट, राजमा, सब्ज़ियाँ, मछली, चिकन, जैतून और केला। साथ ही बादाम, काजू, दूध, मक्खन व घी का प्रयोग भी वज़न बढ़ाने में काफ़ी कारगर है।

प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ

सबसे ज़्यादा प्रोटीन की मात्रा दाल में होती है। इसके अलावा अंडा, मछली, मीट से अच्छी मात्रा में प्रोटीन प्राप्त होते हैं।

एक औषधि भी बना लें

छोटी हरड़, बहेड़ा, आंवला, सोंठ, पीपर, काली मिर्च, काला नमक सभी 20-20 ग्राम लेकर चूर्ण तैयार कर लें। रात को सोने से पहले आवश्यकतानुसार एक या दो चम्मच गुनगुने पानी से लें। यह पाचन शक्ति को मज़बूत करेगा और रस निर्माण से लेकर उसकी पूरी शृंंखला को गति देगा।