स्‍तन यदि पुष्‍ट व शरीर के आकार के हिसाब से विकसित नहीं हैं तो महिलाओं के सौंदर्य में कुछ कमी आ जाती है। कुछ प्रतिशत महिलाओं के साथ यह हो जाता है। वे इसे शरीर के आकार के हिसाब से विकसित करने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाती हैं, उपाय महंगे होते हैं और कारगर भी नहीं। कुछ महिलाओं के स्‍तन समय से पूर्व ही ढीले हो जाते हैं, इससे भी उनका सौंदर्य निखर नहीं पाता। आज हम स्तनों को पुष्ट करने के लिए कुछ कारगर व सस्‍ते उपाय बताने जा रहे हैं जो बिल्‍कुल घरेलू हैं और किसी तरह का साइड इफ़ेक्‍ट नहीं डालते।

स्तनों को पुष्ट और विकसित करना

स्तनों को पुष्ट करने के घरेलू नुस्खे

उपाय एक

अनार का फल, फूल, डंढल, जड़ व पत्‍ता, माजूफल, शतावरी और शरीर पर लगाया जाने वाला पाउडर एक में मिलाकर उसका लेप बना लें। इसे स्‍तनों पर लगाने से स्‍तन पुष्‍ट होते हैं, इसमें थोड़ा समय लगता है लेकिन समस्‍या से मुक्ति मिल जाती है। चूंकि यह लेप त्‍वचा के अंदर तक जाकर मांसपेशियों को पुष्‍ट करता है।

उपाय दो

रोज़ नियमित रूप से 6 से 10 ग्राम अश्‍वगंधा का चूर्ण दूध के साथ सेवन करने से भी स्‍तन पुष्‍ट होते हैं। साथ ही अनार के पंचांग (फल, फूल, जड़, पत्‍ता व डंढल) का तेल स्‍तनों पर मलने से शीघ्र लाभ होता है। इससे स्‍तनों का विकास भी होता है। इस तेल से दिन में दो बार मालिश करने से स्‍तन सुडौल, पुष्‍ट व विकसित होते हैं। ये तेल त्‍वचा के अंदर जाकर कोशिकाओं में रक्‍त संचार को तेज करता है जिससे स्तनों की मांसपेशियों में तंतुओं की मात्रा बढ़ने लगती है और स्तन मज़बूत व कठोर होने लगते हैं। इस तेल से एक माह तक मसाज करना चाहिए।

उपाय तीन

छोटे स्‍तनों के विकास के लिए कलसोडे की पत्तियों का सत्व लगाने से भी लाभ होता है। सत्‍व बनाने के लिए पत्तियों को पीसकर पानी में छान-घोल कर किसी बर्तन में धूप में रख दें। जब सूख जाए तो बर्तन की पेंदी में जमा पाउडर ही इसका सत्‍व होता है। इसके साथ छोटी इलायची व कमल गट्टे की मिंगी का भी प्रयोग किया जा सकता है। साथ ही पौष्टिक आहार लेना चाहिए और अश्‍वगंधा के तेल से मसाज करना चाहिए। इसका मसाज नियमित किया जाए तो स्‍तन कभी ढीले नहीं होते हैं और न ही लटकते हैं।

उपाय चार

अनार का पंचाग लें, इसमें फल, फूल, जड़, डंढल व पत्‍ती शामिल होती है। फल से बीज निकाल देना चाहिए। इसके अलावा माजूफल, शतावर, छोटी इलायची, कमल गटटे की मींग व लसोड़े की पत्तियां लें। सभी को बराबर-बराबर मात्रा में लें और बारीक पीस लें। एक से तीन चम्‍मच तक लेकर इसमें पानी मिलाकर पेस्‍ट बना लें। रात को सोने से पूर्व यह पेस्‍ट स्‍तनों पर लगाएं। कुछ ही दिनों में स्‍तन पुष्‍ट, कठोर व सुंदर हो जाएंगे। इसके साथ ही रोज़ रात को सोते समय 6 से 10 ग्राम तक अश्वगंधा चूर्ण का भी सेवन करने तथा अनार के पंचांग के तेल से मसाज करने से शीघ्र लाभ होता है।

कैसे बनाएं अनार के पंचांग का तेल

अनार का फल, फूल, जड़, डंढल व पत्‍ते लेकर इन्‍हें सरसो के तेल में पका लें। फिर छानकर किसी शीशी में भरकर रख लें। यही अनार के पंचाग का तेल है। इस तेल से लगभग आधा घंटा स्‍तनों का मसाज करना चाहिए, मसाज हमेशा नीचे से ऊपर की ओर किया जाता है। मसाज के बाद ठंडे पानी की पट्टियां स्‍तनों पर एक के बाद एक रखते रहें। स्तनों को पुष्ट और विकसित करने के लिए यह बहुत ही उत्‍तम उपाय है।