युवाओं के कुछ ऐसे भय हैं जो उन्‍हें हमेशा सताते रहते हैं। ख़ास सेक्स को लेकर अनेक बुरे विचार टेंशन का कारण होते हैं। शादी से पहले उन्‍हें यह भय सताता रहता है कि यदि वे अपने जीवन साथी को संतुष्‍ट नहीं कर पाए तो क्‍या होगा। इस क्‍या का उत्तर वे कल्‍पनाओं में ढूँढते हैं और जितनी कल्‍पनाएं करते जाते हैं उतने अधिक भयभीत होते जाते हैं। आज हम इस भय से मुक्ति के कुछ उपाय सुझा रहे हैं।

सेक्स को लेकर चिंता

युवाओं में सेक्स को लेकर बढ़ती चिंताएं

1. शीघ्रपतन व उपाय

अक्‍सर युवा सोचते हैं कि यदि उनका जीवन साथी उनके साथ सेक्‍स में सतुष्‍ट नहीं हो पाया तो क्‍या होगा। ज़्यादातर सोच शीघ्रपतन की होती है। युवाओं को इस बारें बिल्‍कुल ही नहीं सोचना चाहिए। इस संबंध में‍ जितनी कल्‍पना करते जाएंगे, क्‍लपनाओं के मकड़जाल में उलझते जाएंगे और भयभीत होते जाएंगे। जब समय आएगा जीवनसाथी के साथ सेक्‍स में उतरने की तो यह भय बाधा बनकर खड़ा हो जाएगा और कल्‍पनाओं में सोची गई बातें साकार होने लगेंगी। साथी के पास जब भी जाएं स्‍वस्‍थ मन से जाएं और उसे प्‍यार करें, उसे संतुष्‍ट करने की भावना से मुक्‍त रहें।

2. पोर्न फ़िल्मों जैसा सेक्स

पोर्न फ़िल्मों को देखने में समय न गंवाएं। पोर्न फ़िल्में पूरी तरह व्‍यावसायिक होती हैं और उसके एक्‍टर फ़िल्म शूट करने के लिए ड्रग का इस्‍तेमाल करते हैं। इसलिए पोर्न फ़िल्मों की एक्टिंग कर पाना युवाओं के लिए संभव नहीं है। आमतौर पर पोर्न एक्टर की तरह सेक्‍स करने के लिए जो युवा सोचते हैं, वे ज़्यादा परेशान होते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप ड्रग का इस्‍तेमाल करें, क्‍योंकि ऐसा करने से आपका जीवन अंत में दुर्भाग्‍यपूर्ण हो सकता है। इसलिए सामान्‍य जीवन में सेक्‍स संबंधों को सामान्‍य तरीक़े से लें और पोर्न फ़िल्में देखने व सेक्‍स के लिए ड्रग लेने से बचें।

3. पिता न बन पाने का भय

युवाओं को सेक्स को लेकर एक भय यह भी होता है कि यदि शीघ्रपतन के चलते उसकी जीवन साथी गर्भवती नहीं हुई तो समाज क्‍या कहेगा। पिता न बन पाने का उसे एक भय सताता रहता है। शादी होने के समय तो यह ख़याल ज़्यादा परेशान नहीं करता है लेकिन दो-तीन वर्ष बीतने के बाद यह भय बहुत ज़्यादा घना होने लगता है और युवा अपने ही नज़रों में गिरने लगते हैं। इससे बिल्‍कुल न घबराएं। गर्भ नहीं ठहर रहा है तो योग्‍य चिकित्‍सक से परामर्श लें। अच्‍छे चिकित्‍सक का परामर्श इस समस्‍या से मुक्ति दिला सकता है।

4. स्‍पर्म काउंट कम होना

ज़्यादा चिंता न करें। ज़्यादा चिंतित रहने से स्‍पर्म की गुणवत्ता प्रभावित होती है और गर्भधारण में समस्‍या खड़ी करती है। सेक्‍स में यदि पूरी तरह संतुष्‍ट नहीं हो पा रहे हैं तो उत्‍तम व सुपाच्‍य आहार के साथ आयुर्वेदिक व यौगिक प्रयोगों का सहारा लें। भूलकर भी एलोपैथिक दवाओं का इस्‍तेमाल न करें, ये दवाएं क्षणिक लाभ तो दे सकती हैं लेकिन इनका नुक़सान भी बहुत होता है।

5. बचपन में किए गए हस्तमैथुन की चिंता

एक और भय है जो युवाओं को परेशान करता है, वह है बचपन में किए गए मस्टरबेशन का भय। उन्‍हें लगता है कि विवाह के बाद के जीवन को बचपन में किया गया मस्‍टरबेशन प्रभावित करेगा जबकि ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। इसका सेक्‍स लाइफ़ पर कोई असर नहीं पड़ता है। बिना किसी चिंता के सेक्‍स लाइप का इंज्‍वाय करें और अधिकता से हमेशा बचें। आजीवन सेक्‍स की समस्‍या सामने नहीं आएगी।