सनाय की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर हैं। इसकी पत्तियों में अनेक बीमारियों को दूर करने की क्षमता है। विभिन्‍न क्षेत्रों में यह विभिन्‍न नामों से जाना जाता है। कहीं इसे स्‍वर्णमुखी, सोनामुखी तो कहीं सुनामुखी कहते हैं। यह सिर्फ़ बीमारियों को ठीक ही नहीं करता बल्कि उन्‍हें शरीर में प्रवेश करने से रोकता भी है।

कब्‍ज़, बुखार व गले की खिचखिच दूर करने में यह बहुत ही लाभकारी है। इसके चूर्ण को चाय की तरह पिया जाता है। यह सभी तरह के संक्रमण को तो रोकता ही है, साथ ही इसका कोई साइड इफ़ेक्‍ट भी नहीं होता।

सनाय का कोई साइड इफ़ेक्‍ट तो नहीं होता है फिर भी थोड़ी सावधानी की ज़रूरत होती है। इसका ज़्यादा प्रयोग शरीर में पोटैशियम के स्‍तर को कम कर सकता है। भूख भी कम हो सकती है। वज़न कम हो सकता है। मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। इसलिए इसका प्रयोग योग्‍य आयुर्वेदाचार्य की सलाह से ही करना चाहिए।

सनाय के फूल और पत्तियाँ

सनाय के औषधीय गुण

1. कब्ज़ के लिए क्‍या करें

सनाय व गुलाब की पत्तियां, सोंठ, सेंधा नमक व किशमिश पीसकर शहद में मिलाएं। सोने से पहले इसे चटनी की तरह चाट लें। कब्‍ज़ में आराम मिलेगा। सनाय की पत्तियों में विरेचन का गुण भी मौजूद है। सनाय की कुछ पत्तियां लें और एक-एक चम्‍मच धनिया व सोंठ को एक कप पानी में पंद्रह मिनट गरम करें। दिन में तीन बार चार-चार चम्‍मच पीने से पेट साफ़ होता है।

2. गैस की समस्‍या

पेट में जब गैस बन जाता है कई तरह की दिक्‍कतें पैदा करता है। इससे पेट व छाती में दर्द शुरू हो सकता है। ऐसी स्थिति में एक गिलास पानी लें और उसमें 3 ग्राम सनाय चूर्ण व एक चम्मच मिश्री का चूर्ण मिलायें। सुबह ब्रश करने के बाद व रात को भोजन से पहले पी लें। यह गैस की उत्‍तम दवा है।

3. शरीर में जब दर्द हो

यदि शरीर में दर्द हो तो सनाय की पत्तियों का 5 ग्राम चूर्ण घी के साथ दोनों समय भोजन करने से पूर्व लेने से शरीर का दर्द दूर होता है और आंतें तथा पाचन शक्ति मज़बूत होती है।

4. संक्रमण से बचाए

यदि किसी तरह का संक्रमण हो गया है या संक्रमण की आशंका है तो एक चम्मच मधु व 2 ग्राम सनाय पाउडर को एक पाव पानी में मिलायें। सुबह ब्रश करने के बाद इसे पी लें। यह प्रयोग एक वर्ष तक करने से संक्रमण दूर होगा और शरीर पुन: संक्रमित नहीं होगा।

5. कफ निकालने के लिए

कफ या बलगम निकालने के लिए एक कप अनार के रस में तीन ग्राम सनाय चूर्ण मिलाएं। इसे दिन में दो बार पियें इससे कफ निकल जाता है और यदि अस्‍थमा है तो नियमित प्रयोग करने से वह भी दूर हो जाता है।

6. किडनी की पथरी

किडनी में यदि पथरी है तो पीले खीरे के बीजों का डेढ़ सौ ग्राम रस लें और तीन ग्राम सनाय पाउडर मिलाएं। दिन में दो बार पीने से किडनी की पथरी गल जाती है।

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