कोई भी मौसमी फल हो, प्रकृति उसमें अपना सारा प्‍यार उड़ेल देती है। सभी फलों में पौष्टिक तत्‍व पाए जाते हैं और औषधीय गुण भी विद्यमान होते हैं। इसी में एक है अमरूद, जिसे अंग्रेजी में Psidium या Gauva कहते हैं। अमरूद के औषधीय गुण सभी बीमारियों में लाभ प्रदान करते हैं। यह त्रिदोष नाशक व दाह नाशक होता है। वात, कफ व पित्‍त को नियंत्रित करने के साथ ही हाथ-पैरों की जलन समाप्‍त करता है। हृदय व मस्तिष्‍क को ताकत देता है। घबराहट व बेचैनी को दूर करता है। अनेक बीमारियां केवल अमरूद के सेवन मात्र से ठीक हो जाती है। दो-चार फल खाने के बाद तुरंत शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है। इसलिए कमज़ोरी और मूर्छा को ठीक करने में भी यह उपयोगी है। किडनी और मधुमेह में भी यह लाभकारी है।

अमरूद के औषधीय गुण

अमरूद के औषधीय गुण

1. कफ और खांसी

यदि खांसी आ रही हो तो अधपके अमरूद को काट लें और उसमें नमक लगाकर आग पर भून लें। इसके बाद उसे खूब चबा-चबा कर खाएं। पुरानी से पुरानी खांसी भी इससे दूर हो जाती है। खांसी या कफ में इसका काढ़ा बनाकर पीने से से भी लाभ होता है। इसके सूखे पत्‍तों का काढ़ा खांसी व कफ को तो ठीक करता ही है, बुखार भी उतार देता है।

2. लीवर की समस्‍या

लीवर ख़राब होने या भूख कम लगने की स्थिति में भी अमरूद काटकर उसमें नमक डालें और भूनकर खाएं। भोजन करने से कुछ देर पहले अमरूद खाना आंतों व लीवर के लिए बहुत फ़ायदेमंद है। भोजन करने के बाद अमरूद का सेवन विरेचन का कार्य करता है।

3. मसूढ़ों के दर्द व छाले

मसूढ़ों में यदि दर्द है तो अमरूद के पत्‍तों को कूटकर उसमें नमक और लौंग डालकर उबाल लें। इस पानी से गरारा और कुल्‍ला करने पर मसूढ़ों का दर्द दूर होता है तथा मुंह की बदबू भी चली जाती है। मुंह के छाले भी ठीक हो जाते हैं। अमरूद की कोमल पत्तियां चबाने से भी छाले ठीक होते हैं।

4. अपचन

अमरूद अपचन को भी दूर करता है। खाना कम खाएं और खाने के बाद पर्याप्‍त मात्रा में अमरूद खाना चाहिए। सुबह या दोपहर जब भी अमरूद उपलब्‍ध हो सके खाने से पेट साफ होता है और शरीर को पुष्‍ट करता है। इसकी छाल, पत्तियां व सोंठ का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम पीने से भी अपचन की समस्‍या समाप्‍त हो जाती है। यह काढ़ा संग्रहणी या अतिसार में भी लाभप्रद है।

Psidium Gauva Health Benefits

5. अन्‍य औषधीय लाभ

अमरूद के औषधीय गुण और लाभ कई और भी हैं जैसे –

– अमरूद के पत्‍ते व तुलसी के पत्‍ते मिलाकर चाय बनाकर पीना बहुत लाभकारी है।

– छोटे बच्चों को कोलाइटिस होने पर इसकी दो ग्राम जड़ के छिलके का काढ़ा बनाकर देना चाहिए।

– नियमित अमरूद खाने से बहुत पुराना अतिसार भी ठीक हो जाता है।

– पेट में कीड़े होने पर नमक के साथ अमरूद का सेवन करना चाहिए।

– इसके पत्‍तों का रस पिलाने तथा अमरूद खिलाने से भांग का नशा उतर जाता है।