ठंडी के सीज़न में मटर भरपूर मात्रा में मिलता है। इसकी सब्‍ज़ी भी बनती है और इसे चावल में मिलाकर पुलाव भी बनाया जाता है। मटर के लाभ के साथ-साथ इसमें कई दोष भी होते हैं। यह पुरुषों को नामर्द बनाता है। मटर में पौरुष हार्मोन को निष्क्रिय करने के गुण होते हैं। इसके तेल में एंटी सेक्‍सुल हार्मोन विरोधी  गुण पाए जाते हैं जो पुरुषों में नामर्दी की समस्‍या को जन्‍म देते हैं। दूसरी तरफ़ यदि महिलाएं इसका ज़्यादा सेवन करती हैं तो ज़्यादा संभावना है कि उन्‍हें होने वाली संतान लड़की हो। ऐसी महिलाओं को लड़के बहुत कम होते हैं। चूंकि मटर के ज़्यादा सेवन से भ्रूण बनते समय पौरुष हार्मोन निष्क्रिय हो जाता है, इसलिए लड़की के जन्‍म की संभावना ज़्यादा बनती है। इसके अलावा मटर खाने से गैस, डकार, कब्‍ज, पेट फूलने आदि की समस्‍या भी होती है।

हरी मटर के लाभ

हरी मटर के लाभ

कोई भी चीज़ हो, मौसम में खाने से ज़्यादा फ़ायदा करती है। मटर को भी उसके सीजन में खाने से बहुत तरह के लाभ भी होते हैं। मौसमी चीज़ों में प्रकृति अपना पूरा प्‍यार उड़ेल देती है और आपके शरीर के भीतर उसे पचाने की क्षमता विकसित हो जाती है। बेमौसम चीज़ों को खाने से उन्‍हें पचने में दिक्‍कत आती है। इसलिए ज़्यादा फ़ायदे के लिए मौसमी चीज़ों का सेवन करना चाहिए।

– मां के स्‍तनों में यदि नवजात शिशु के लिए पर्याप्‍त दूध न उतर रहा हो तो उसकी मां को खूब मटर खिलाना चाहिए। इससे भरपूर दूध होगा और बच्‍चे का पेट भर जाएगा।

– मटर खाने से मासिक धर्म की अनियमितता दूर हो जाती है।

– मटर को उबालकर उसका उबटन बना लें और थोड़ी हल्‍दी मिलाकर पूरे शरीर पर लगाएं तो त्‍वचा के रंग में निखार आता है और त्‍वचा स्‍वस्‍थ होती है।

– शरीर में कहीं भी जलन हो रही हो, पैर के तलवों में, माथे पर, पेट में या कहीं और, तो मटर पीसकर लगा देने से जलन तुरंत चली जाती है।

– ठंडी के मौसम में पानी में काम करते-करते या वैसे भी यदि अंगुलियों में सूजन हो गई हो तो हरी मटर उबालकर छान लें और उस पानी में एक चम्‍मच तिल का तेल मिलाकर लगाएं। इससे सूजन व दर्द दोनों चला जाएगा।

– कच्‍चा मटर खाने से कब्‍ज नहीं होता, यह कफ व पित्‍त दोष का शमन करता है।

– मटर का सेवन खून व मज्‍जा दोनों में वृद्धि करता है, दुबले-पतले लोगों के लिए यह बहुत फ़ायदेमंद है। मोटे व्‍यक्तियों को मटर से परहेज़ करना चाहिए। यह मोटापा बढ़ा देगा।