एक सामान्य मनुष्य का रक्त चाप 120/80 होता है। जब रक्त चाप 90 से कम हो जाता है वो निम्न रक्त चाप या लो ब्लड प्रेशर कहते हैं।

लोग केवल उच्च रक्त चाप को गंभीर समस्या मानते हैं लेकिन निम्न रक्त चाप भी कम गंभीर समस्या नहीं है। इससे आवश्यक अंगों में ख़ून की आपूर्ति कम हो जाती है। जिससे हृदय, गुर्दे, फेफड़े और मस्तिष्क आंशिक रूप से या कभी कभी पूर्ण रूप से काम करना बंद कर सकते हैं।

लो ब्लड प्रेशर के घरेलू उपचार

अधिकांश मामलों को हृदय रोग के कारण हार्ट की माँसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती है, जिससे हार्ट पर्याप्त मात्रा में ब्लड पम्प नहीं कर पाता है और लो ब्लड प्रेशर की समस्या बन जाती है। साथ ही आर्थोस्टेटिक हाइपरटेंशन टाइप के कारण भी रक्त चाप 20 प्वाइंट गिर जाता है, जिससे पीड़ित को बार बार चक्कर आते हैं। इसके अलावा भोजन में पौष्टिकता की कमी, फेफड़ों के अटैक से और हार्ट का वॉल्व ख़राब हो जाने से लो बीपी हो सकता है।

लो ब्लड प्रेशर का उपचार

– रोज़ रात 4 बादाम गिरी पानी में भीगने के लिए रख दें और सुबह उनका छिलका हटाकर कर 15 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर खाने से लो बीपी की समस्या ठीक हो जाती है।

– लो ब्लड प्रेशर के लिए गुड़ बहुत ही कारगर औषधि है। गुड़, नमक व नींबू का रस, पानी में मिलाकर पीने से लो ब्लड प्रेशर नियंत्रित हो जाता है। यदि दिन में तीन बार इसका सेवन किया जाए तो जल्दी राहत मिलती है। एक गिलास पानी में 25 ग्राम गुड़ व आवश्यकतानुसार नमक व नींबू का रस मिलाना चाहिए।

– अनार, गन्ना, संतरा व अनन्नास किसी एक फल का रस लें और उसमें नमक डालकर पी लें। इससे लो निम्न रक्त चाप होता है।

– भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय डिश माखन-मिश्री खाने से भी लो ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है।

– एक गिलास देशी गाय के दूध में एक चम्मच देशी गाय का घी डालकर रात को सोने से पहले पी लें। इससे भी लो बीपी नियंत्रित होता है।

– नमक का पानी दिन में तीन बार पीने से भी लो ब्लड प्रेशर में आराम पहुंचता है।