हींग ‌_ Asafoetida के बारे में हम सभी जानते हैं। यह सिर्फ़ भोजन का स्‍वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि अनेक प्रकार की बीमारियों में लाभ पहुंचाता है और उनकी रोकथाम भी करता है। पेट में दर्द हो, खाना न पचा हो, जी मिचला रहा हो या सर्दी-जुकाम, सिर दर्द हो, सबमें हींग का प्रयोग लाभ पहुंचाता है। इसके अलावा बिच्‍छू या बर्र ने काट लिया हो तो उसके ज़हरीले प्रभाव को कम करता है।

हींग का प्रयोग और फायदे
Hing Asafoetida Benefits in Hindi

पेट सम्बंधित समस्याओं में हींग का प्रयोग

– पेट दर्द में पानी में थोड़ी सी हींग घोलकर नाभि के आसपास लगाने से तुरंत आराम मिलता है।

– अजवाइन, काला नमक व हींग मिलाकर पानी के साथ लेने पर पेट में दर्द व ऐंठन में आराम मिलता है।

– हींग व गुड़ मिलाकर गर्म पानी से लेने पर गैस की समस्‍या से निजात मिलती है।

– अजीर्ण, वायु, हैजा, पेट दर्द व अफरा में छाछ के साथ हींग के सेवन से लाभ होता है।

– बच्‍चों के पेट में कीड़े होने पर एक चम्‍मच पानी में थोड़ी सी हींग घोलकर रूई में लगाकर पॉटी होल में रख दें। बच्‍चा जब पॉटी करेगा तो सारे कीड़े मरकर बाहर आ जाएंगे। इसका उपयोग बड़े लोग भी कर सकते हैं।

– उल्‍टी हो रही है तो हींग को पानी में पीसकर पेट पर लगाने से लाभ होता है।

– यह भोजन पचाने में मदद करता है तथा पर्याप्‍त मात्रा में इंसुलिन बनाता है जो मधुमेह के स्‍तर को नीचे ले आता है। मधुमेह के लिए हींग में पका कड़वा कद्दू सेवन करना चाहिए।

घाव भरने में हींग का प्रयोग

– कांटा चुभने पर हींग का घोल लगाना चाहिए। दर्द भी कम होगा और कांटा भी बाहर आ जाएगा।

– घाव सड़ने लगा हो तो नीम के पत्‍तों के साथ थोड़ी सी हींग पीसकर लगा देने से जल्‍दी आराम होता है।

– हींग कैंसर को बढ़ावा देने वाले सेल को पनपने से रोकता है।

– यदि घाव में कीड़े पड़ गए हों तो हींग का चूर्ण डालने से समाप्‍त हो जाते हैं।

दर्द निवारक के रूप में हींग का प्रयोग

– दांत दर्द हो तो थोड़ी सी हींग व कपूर मिलाकर दर्द वाले स्‍थान पर लगा देने से दर्द चला जाता है।

– भुनी हुई हींग रूई में लपेटकर लगाने से दांत दर्द में राहत मिलती है।

कान के दर्द में तिल के तेल में हींग डालकर पका लें और दो बूंद डालें, दर्द चला जाएगा।

– गर्म पानी में हींग घोलकर लगाने से पसलियों का दर्द दूर होता है।

– हींग के नियमित सेवन से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।

– आधा कप पानी में हींग मिलाकर पीने से माइग्रेन व सिरदर्द में लाभ होता है।

सर्दी-ज़ुकाम में हींग का प्रयोग

– ज़ुकाम में यदि नाक बंद होती हो और सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो थोड़ी सी हींग पानी में घोलकर सूंघने से लाभ होता है। सर्दी-ज़ुकाम, सिरदर्द व सिर का भारीपन चला जाता है। पीठ, गले और सीने पर उस पानी का लेप करने से खांसी, कफ, निमोनिया व सांस लेने में दिक्‍कत में लाभ होता है।

– कप के साथ यदि ज़ुकाम हो तो आधा चम्‍मच हींग का पाउडर, आधा चम्‍मच सोंठ का पाउडर व दो चम्‍मच मधु मिलाकर दिन में थोड़े- थोड़े समय के अंतराल पर सेवन करना चाहिए।

– यदि कफ सूख गया है और सूखी खांसी आ रही है तो आधा चम्‍मच अदरक का रस, आधा चम्‍मच हींग व एक चम्‍मच मधु मिलाकर लेने से लाभ होता है। इसका सेवन दिन में तीन बार करना चाहिए। हींग के तेल की दो बूंद गर्म पानी में डालकर लेने से भी आराम मिलता है।

हींग के अन्य स्वास्थ्य लाभ

– गूलर के सूखे फलों के साथ हींग खाने से और हींग को घिसकर आंखों पर लगाने से पीलिया में लाभ होता है।

कोउमारिल हींग में होता है जो ख़ून को पतला करता है और ख़ून को जमने से रोकता है। साथ ही यह बढ़े हुए ट्राइग्लीसेराइड और कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है।

– हींग व नमक मिलाकर पानी के साथ लेने पर निम्‍न रक्‍तचाप में लाभ होता है।

– हींग का धुआं लेने से हिचकियां बंद हो जाती हैं।

– प्रसव के बाद हींग का सेवन गर्भाशय की शुद्धि करता है।

– हींग को पानी में घिसकर लगाने से दाद, खाज, खुजली चली जाती है। सभी प्रकार के त्‍वचा रोगों में लाभ होता है।

– थोड़ी सी हींग पानी में घोलकर पिला देने से अफ़ीम का नशा उतर जाता है।