हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्त चाप आज गंभीर समय बन चुकी है, जिसके लिए लोगों अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ एलोपैथी पद्धति में ही इसके लिए उपचार उपलब्ध है बल्कि उच्च रक्त चाप का घरेलू उपचार भी संभव है। यह बहुत प्रभावी भी है।

हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर होम रेमेडीज़

– दालचीनी को आप सभी जानते हैं। यह हाई ब्लड प्रेशर की कारगर औषधि है। दालचीनी का पाउडर यदि रोज़ सुबह आधा चम्मच खाली पेट गर्म पानी से लें तो हाई ब्लड प्रेशर जल्दी नियंत्रित होता है। यदि इसके साथ आधा चम्मच शहद भी लें और प्रभावकारी होगा।

– मेथी का दाना आधा चम्मच रात को एक गिलास गर्म पानी में भिगो दें। सुबह मेथी का दाना ख़ूब चबा-चबाकर खा लें और पानी पी लें। अधिकतम दो माह में यह औषधि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर देगी।

– अर्जुन की छाल को तेज़ धूप में सुखा लें और पत्थर पर पीसकर पाउडर बना लें। आधा चम्मच पाउडर को आधा गिलास पानी में उबालें, जब एक कप रह जाए तो उसे चाय की तरह पी लें। यह उच्च रक्तचाप को कम करने के साथ ही कोलेस्ट्राल, ट्राइग्लिसाराईड, मोटापा व ब्लाकेज को भी ठीक करता है। कमज़ोर दिल वालों के लिए यह रामबाण औषधि है।

– हाई ब्लड प्रेशर के लिए एक कप लौकी का रस पर्याप्त है। सुबह ख़ाली पेट लें और उसके एक घंटे बाद ही कुछ खाएं-पिएं। यदि लौकी के रस में पांच धनिया, पांच पुदीना व पांच तुलसी का पत्ता व तीन काली मिर्च पीसकर मिला लें तो यह हृदय, कोलेस्ट्राल व शुगर को भी कम करता है।

– बेलपत्र की चटनी बनाइए और हाई ब्लड प्रेशर से मुक्ति पाइए। पांच बेलपत्र लेकर पत्थर या सिल पर पीस कर चटनी बना लें और उसे एक गिलास पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो आग से उतार लें और ठंडा होने पर पी लें। यह उच्च रक्त चाप के साथ शुगर को भी सामान्य करेगा।

-देशी गाय का मूत्र भी हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। आधा कप रोज सुबह खाली पेट पीने से हाई ब्लड प्रेशर के साथ ही लो ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित कर मधुमेह में भी आराम पहुंचाता है। यह गठिया, ट्यूबरकुलोसिस, अस्थमा को भी ठीक करता है। ध्यान रहे उसी देशी गाय का मूत्र लें जो गर्भावस्था में न हो।