दांत और मसूढ़ों में दर्द किसी भी उम्र के व्‍यक्ति को हो सकता है। यह पीड़ा बहुत तकलीफ देती है। यदि रात को दांत दर्द शुरू हो गया और निकट में अस्‍पताल नहीं है तो मरीज पूरी रात कराहता रहता है। लगता है कि दांत निकाल कर बाहर फेंक दें। नींद नहीं आती है। दांत दर्द के साथ ही मसूढ़ों में सूजन आ जाती है, कितना भी दर्द निवारक दवा खाई जाए, थोड़ी देर के लिए सिर्फ थोड़ी सी राहत मिलती है, उसके बाद दर्द पुन: अपने पुराने स्‍वरूप में लौट आता है। दांत व मसूढ़ों के दर्द का होम्‍योपैथिक में कारगर इलाज है, जो लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

दांत और मसूढ़ों का दर्द

दांत और मसूढ़ों में दर्द

खींचकर दांत निकाल देने की इच्‍छा

जब दांत में कोई परेशानी न हो, न उसमें दर्द हो, न पानी लगता हो, न सूजन हो, बावजूद इसके लगे दांत को खींचकर बाहर निकाल दिया जाए। इस रोग के लिए ‘बेलाडोना 1000’ की दो खुराक ही काफी है, दांत खींचकर बाहर निकाल देने की इच्‍छा चली जाएगी।

मसूढ़े का पकना

मसूढ़े में किसी तरह की चोट, फोड़ा या घाव हो जाने पर वह पक जाता है। उसमें सूजन हो जाती है, मवाद निकलता रहता है और भयंकर पीड़ा होती है। दर्द की कितनी भी दवा खाई जाए, आराम नहीं मिलता है, जब तक घाव ठीक होना शुरू न हो जाए। आमतौर यहां घाव या फोड़ा दांत टूटने पर होता है जब दांत की कोई जड़ मसूढ़े में अटकी रह जाती है। इसलिए इस तरह की समस्‍या में ‘साइशाशेवा 1000’ की दो खुराक काफी है। यदि फोड़ा है तो मात्र दो घंटे में ही फूटकर बाहर हो जाएगा और मवाद निकल जाएगा, मरीज को तुरंत आराम मिल जाएगा।

दांत हिलना

उम्र बढ़ने के साथ ही दांत भी कमजोर होते हैं और धीरे-धीरे एक-एक कर विदा होने लगते हैं। लेकिन जब वृद्धावस्था में दांत हिलने लगें तो ‘केल्लेरिया फ्लोर 1000’ पोटेंसी की दो खुराक आधे-आधे घंटे पर यदि दो बार दी जाए तो होम्‍योपैथ के अनुसार छह महीने के लिए दांतों का हिलना बंद हो जाता है। दूसरी बार यह प्रयोग करने पर दांतों का गिरना तीन महीने के लिए रुक जाता है। आमतौर पर लोग रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराते हैं, लेकिन यह कराने के बाद भी दांतों में तकलीफ होती है और कभी-कभी दर्द बहुत बढ़ भी जाता है।

चूंकि एक खास उम्र होने के बाद दांतों को रोकना बहुत मुश्किल है, फिर भी होम्‍यौपैथ में ऐसी दवाएं हैं जो काफी हद तक दांतों को गिरने से रोक लेती है और उन्‍हें लंबा जीवन दे देती हैं। दांतों का पीलापन दूर करने के लिए ‘कल्केरिया रेनेलिस’ एक बहुत ही कारगर दवा है।