तेलों में अनेक औषधीय गुण हैं। अलग-अलग तेलों के अलग-अलग प्रभाव होते हैं। इनमें कुछ ऐसे तेल हैं जो शीघ्रपतन दूर कर लिंग को कड़ा, मोटा व सुडौल बनाते हैं। पतलापन, टेढ़ापन दूर हो जाता है। आज कुछ ऐसे ही तेलों के साथ हम सुगंधित तेलों के प्रभाव की भी चर्चा करेंगे।

शीघ्रपतन दूर करने के लिए तेल मालिश
Premature Ejaculation Care – Oil Massage in Hindi

शीघ्रपतन दूर करने के लिए मसाज ऑयल

महाचंदानादि तेल

सफेद चंदन, लाल चंदन, पतंग, कालीयक की लकड़ी, अगर, देवदारु, सरल काष्‍ठ, पद्दाख, तून की लकड़ी, कपूर, कस्‍तूरी, शिलारस, केशर, जायफल, चमेली के पत्ते, लौंग, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, शीतलचीनी, दालचीनी, तेजपात, नागकेशर, सुगंधबाला, खस, जटामांसी, छेल छरीला, नागरमोथा, रेणुका, प्रियंगु, गंधबिरोजा, कपूर, गूगल, लाख, नखी, राल, धाय के फूल, गाठबन, मजीठ, तगर व मोम, सभी पांच-पांच ग्राम किसी पंसारी के यहां से ले आएं। इसे एक साथ पीसकर चटनी बना लें और एक किलो तिल के तेल में मिलाकर सिद्ध कर लें। इसे महाचंदाना‍दि तेल कहते हैं। मेडिकल स्‍टोर पर भी यह तेल मिल जाता है। इस तेल से लिंग को मालिश करने से न केवल शीघ्रपतन कम होता है, बल्कि सेक्‍स पॉवर भी बढ़ती है। साथ ही यह रक्‍तपित्‍त, क्षय, ज्‍वर, शरीर में जलन, पसीना, दुर्गंध, कुष्‍ठ व खुजली में भी काम आता है।

भल्लाताकाद्य तेल

सौ-सौ ग्राम भिलवा, बड़ी कटेरी व अनार का छिलका लें कर पीस लें। इसे एक किलो सरसों के तेल व चार लीटर पानी में मिलाकर पकाएं। जब पानी जल जाए और केवल तेल बचे तो उतार कर ठंडाकर छान लें और किसी शीशी में भरकर रख लें। लिंग पर इससे मालिश करने से सेक्‍स की कमज़ोरी दूर होती है और शीघ्रपतन में लाभ होता है। नियमित मालिश करने से पुरुष लंबे समय तक सेक्‍स कर सकता है।

अश्वगंधा तेल

50-50 ग्राम अश्‍वगंधा, शतावरी, कूठ, जटामांसी व छोटी व बड़ी कटेरी के फूल लेकर पीस लें और इसे एक किलो तिल के तेल व चार लीटर दूध में तब तक पकाएं, जब तक दूध पूरी तरह जल न जाए। जब केवल तेल ही बचे तो इसे आग से उतारकर ठंडा कर लें और छानकर किसी शीशी में रख लें। इस तेल से मालिश करने से लिंग में कड़ापन आता है।

महिलाओं के स्‍तन पर मालिश किया जाए तो ढीले स्‍तन कड़े होने लगते हैं।

तिला तेल

दालचीनी, जमालघोटा, पिस्‍ता व बदाम का तेल समान मात्रा में लेकर एक में मिलाकर रख लें। इस तेल की एक बूंद रात को सोते समय लिंग पर लगाकर ऊपर से पान का पत्‍ता बांधकर सो जाएं। एक माह के नियमित प्रयोग से लिंग का टेढ़ापन, पतलापन व असमानता दूर हो जाएगी। उसमें कड़ापन आएगा और लिंग शक्तिशाली हो जाएगा।

इसके अलावा कुछ सुगंधित तेलों का भी सेक्‍स पॉवर बढ़ाने में मदद ली जाती है। इनमें नारायण तेल, शतावरी तेल, चंदनबाला, दशमूल व लाक्षा तेल आदि आते हैं। इनके मालिश से भी सेक्‍स कमज़ोरी दूर होती है। बिना किसी दवा के इन तेलों के मालिश करने मात्र से सेक्‍स कमज़ोरी दूर हो जाती है। साथ ही शरीर में इनका मसाज करने से शरीर मजबूत व चमकदार होता है। त्‍वचा में ताज़ापन आता है।

कैसे करें तेल मालिश

मालिश हमेशा जिधर रक्‍त का प्रवाह है उस दिशा में करना चाहिए। पहले हाथ में तेल निकाल लें और जिस अंग की मालिश करनी है, उसपर रखकर हल्‍का दबाकर मालिश करें और पूरा तेल त्‍वचा में सोखा दें, त्‍वचा के लाल होने तक मालिश करते रहें। शीघ्रपतन दूर करने में इस तरह की तेल मालिश से विशेष लाभ मिलता है।

जांघों के अंदरूनी भाग, हाथ-पैर की उंगलियों के बीच में, स्‍तनों के आसपास मालिश करने से सेक्‍स उत्तेजना बढ़ती है। कम विकसित स्‍तनों पर हल्‍के हाथ से मालिश करने पर उनका विकास होने लगता है। मालिश किसी प्रशिक्षित से ही कराएं या एक बार उससे कराने के बाद समझ लें और अपने स्‍वयं करें या अपने पुरुष साथी से कराएं।