सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस यानि गर्दन कंधे का दर्द अब एक सामान्‍य बीमारी होती जा रही है। यह बीमारी जिसे हो जाती है, उसे एक तो हमेशा दवा खानी पड़ती है और साथ ही गले में एक पट्टा (कॉलर) भी लगाना पड़ता है। दर्द बहुत ज़्यादा होता है, गर्दन घुमाने मात्र में ही तक़लीफ़ होने लगती है। इस बीमारी से पीड़ित व्‍यक्ति को कहीं भी चैन नहीं मिलता। कुछ भी कर पाना कठिन होता है। अगल-बगल या पीछे घूमकर देखना हो तो पूरी शरीर घुमानी पड़ती है। देखने से ही लग जाता है कि अमुक व्‍यक्ति को गर्दन में कोई परेशानी है। इसकी दवाएं हर पैथी में हैं लेकिन होम्‍योपैथ में बहुत ही कारगर दवा है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की चिकित्सा

मेरे अनेक परिचितों को सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस बीमारी हुई और अनेक बड़े चिकित्‍सकों से उन लोगों ने दवा भी कराई। दवा लंबी चली, गले में कॉलर भी लगाया। कोई भी काम उन लोगों के लिए मुश्किल हो गया था। घर या कार्यालय कहीं भी आसानी से न तो काम कर सकते थे और न ही किसी से सहजता पूर्वक बातचीत कर सकते थे। मेरे मित्र राजेश्‍वर के लिए तो बहुत ही मुसीबत थी। थक-हारकर उन्‍होंने शहर के एक बड़े होम्‍योपैथिक चिकित्‍सक को दिखाया तो राहत मिलने लगी। दवा थोड़ी लंबी चली लेकिन मर्ज ठीक हो गया और गले से कॉलर उतर गई। इसके बाद तो जो भी मेरे और उनके परिचित थे और इस बीमारी से पीड़ित थे, उन्‍हें होम्‍योपैथ की सलाह दी गई और वे सभी लोग ठीक हो गए या ठीक हो रहे हैं।

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होम्योपैथी में इलाज

हालांकि राजेश्‍वर ने शुरू में होम्‍योपैथ की दवा कराई थी लेकिन जब ठीक नहीं हुआ तो एलोपैथ की शरण में चले गए थे। होम्‍योपैथ से उनका विश्‍वास उठ गया था। जब उन्‍होंने बताया कि वह होम्‍योपैथ की दवा करा चुके हैं तो चिकित्‍सक ने पूछा कि वह दवा कौन सी थी। राजेश्‍वर ने बताया कि केल्केरिया फॉस 30मेग्नेशिया फ़ॉस 6 एक्स । चिकित्‍सक ने कहा कि यह दवा ठीक है लेकिन इस मर्ज में विशेष सहायक नहीं है।

शहर के उस बड़े होम्‍योपैथि‍क चिकित्‍सक ने उन्‍हें थूजा 1000 की दो खुराकें आघे-आधे घंटे पर सप्ताह में केवल एक दिन और केल्केरिया फ्लोर 30रसटाक्स 30 दिन में दो-दो बार लेने के लिए कहा। ये दवाइयां अभी दो सप्‍ताह भी नहीं चलीं कि उनके गले का कॉलर उतर गया। उन्‍होंने यह दवा तीन महीने तक चलाई और आज तीन साल हो गए लेकिन उन्‍हें सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस बीमारी पुन: दुबारा नहीं हुई। इसके बाद जो भी परिचित या मित्र इस बीमारी से पीड़ित हुए, उन्‍हें उसी चिकित्‍सक के पास भेजा गया। ज़्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं और कुछ लोगों की दवा अभी चल रही है।

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Keywords – Cervical Spondylosis, Gardan kandhe ka dard