बढ़ते प्रतिस्‍पर्धा के समय में आजकल तनाव आम समस्‍या है। लक्ष्‍य प्राप्ति और आगे निकल जाने की होड़ में जल्‍दीबाज़ी जीवन का अंग बन चुकी है। ऐसे में शरीर व स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हमारी दिनचर्या में शामिल महत्‍वपूर्ण चीज़ों को हम भूलते जा रहे हैं और असमय ही बुढ़ापे के आगोश में समाते जा रहे हैं। एक तरह से असमय होने वाली बीमारियों को हम ख़रीद रहे हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए गरुण पुराण कुछ देशी उपाय सुझाता है। बीमारियाँ भगाने और ताकत बढ़ाने के लिए नियमित रूप इन उपायों को अपनाना चाहिए।

ख़ासतौर से मक्‍खन व मिश्री बलवर्धक है। यदि इसमें मधु भी मिला लिया जाए तो यह मिश्रण को शरीर को अधिक शक्तिशाली बनाता है। भगवान श्रीकृष्‍ण ने बचपन में मक्‍खन व मिश्री का ही ज़्यादा सेवन किया था, आज भी उन्‍हें भोग मक्‍खन व मिश्री का ही लगाया जाता है। यदि रोज़ाना इसे भोजन के बाद ले लिया जाए तो शरीर शक्ति संपन्‍न हो जाता है।

बीमारियाँ भगाने के उपाय

बीमारियाँ भगाने वाले भोज्य पदार्थ

– भोजन करने के बाद मीठा खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। यदि पुराने गुड़ का सेवन किया जाए तो शरीरिक क्षमता में भी वृद्धि होती है।

– पेट के रोगों के लिए काला नमक, हींग व सोंठ का काढ़ा काफ़ी लाभप्रद है। भोजन आसानी से पचता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा व शक्ति प्राप्‍त होती है।

– गाय के दूध में घी व मधु मिलाकर पीने से आयु बढ़ती है, कमज़ोरी दूर होती है और बुढ़ापे के रोग के जल्‍दी नहीं आते। केवल गाय के दूध के सेवन से भी काफ़ी लाभ मिलता है।

– भोजन के बाद मक्‍खन व मिश्री का सेवन करने से बुद्धि का विकास होता है और शारीरिक शक्ति बढ़ती है। मक्‍खन यदि गाय के दूध का हो तो ज़्यादा लाभकारी है।

– आँखों को लम्बे समय तक स्‍वस्‍थ रखने के लिए मधु के साथ त्रिफला का सेवन लाभप्रद है। आँखों की कई बीमारियाँ भगाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आँखों को स्‍वस्‍थ रखने के लिए घी के साथ भी त्रिफला का सेवन किया जा सकता है।

– मधु व घी रात को सोने से पहले ले लिया जाए तो शरीर शक्तिशाली होता है।

कमज़ोरी भगाने के उपाय

– शरीर की कमज़ोरी दूर करने के लिए तिल, अश्वगंधा, मूसली, श्‍यामा तुलसी व गुड़ समान मात्रा में लेकर मिला लें और उसकी छोटी-छोटी गोलियाँ बनाकर नियमित सेवन करें।

– त्‍वचा को लम्बे समय तक असरदार, चमकदार व स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए उड़द, अलसी, गेहूं व पिप्पली को मिलाकर पीस लें और उसमें घी मिला लें। इस लेप को नियमित शरीर पर लगाएँ।

– लम्बे समय तक शक्तिशाली बने रहने के लिए पिप्पली, लौहचूर्ण, सोंठ, आँवला, सेंधा नमक, मधु व मिश्री की बराबर-बराबर मात्रा लेकर मिला लें। इसका नियमित सेवन करने से काफ़ी लाभ होगा।

– मक्‍खन, मधु व मिश्री बलवर्धक है। अधिक बल प्राप्‍त करने के लिए नियमित रूप से इसका सेवन करना चाहिए।

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