पंद्रह-बीस वर्षों में ज़िंदगी की रफ़्तार तेज़ हुई है। जैसे-जैसे ज़िंदगी ने बेहिसाब भागना शुरू किया है, तनाव बढ़ा है। तनाव ने ब्‍लड शुगर व ब्‍लड प्रेशर को जन्‍म दिया है और इसकी वजह से हार्ट अटैक की घटनाएं भी बढ़ी हैं। लेकिन घबराने की बात नहीं है, आपके आस पास इसकी दवा मौजूद है, यह हार्ट अटैक की रोकथाम भी करती है और हृदय की गति को सही रखती है। उसका नाम चुकंदर है, जिसे अंग्रेजी में बीटरूट Beetroot कहते हैं। बीटरूट पर हुए शोध से पता चला कि हृदय रोगियों के दिल की गति से लेकर उच्‍च रक्तचाप तक में गिरावट आई और इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ा। हृदयाघात के रोगियों के लिए यह बहुत ही लाभप्रद है। इसके अलावा इसमें ग़ज़ब की ताक़त प्रदान करने की क्षमता विद्यमान है।

चुकंदर
Beetroot chukandar

चुकंदर के स्वास्थ्य लाभ

1. ताक़तवर मांसपेशियां

चुकंदर के रस में मौजूद नाइट्रेट की अधिक मात्रा मांसपेशियों में सुधार करती है। इसका प्रयोग खिलाड़ी करते हैं और चुस्‍त-दुरुस्‍त रहते हैं। शोध में यह बात भी सामने आई कि चुकंदर का रस पीने से दो घंटे के भीतर मांसपेशियों में अभूतपूर्व ताकत आती है। बीटरूट में लाल रंग बेटाईन नामक रसायन पाया जाता है जो कैंसरग्रस्त कोशिकाओं की वृद्दि को रोकने में मदद करता है। इसका एक और गुण है, यह रक्‍त में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता है। सफेद चुकंदर से चीनी भी प्राप्‍त की जाती है। लाल चुकंदर सलाद, जूस व सब्ज़ी के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है।

2. मोटापे की रोकथाम

बीटरूट मोटापे को रोकने में मददगार है। गाजर व चुकंदर का समान मात्रा में जूस मिलाकर पीने से शरीर को पर्याप्‍त ताक़त मिलती है और चर्बी बिल्‍कुल नहीं बढ़ती, इसलिए मोटापा भी नहीं बढ़ता। बीटरूट का नियमित प्रयोग वज़न भी कम करता है। दो-तीन बीटरूट्स का जूस सुबह खाली पेट लिया जाए तो वज़न कम होने लगता है।

कब्‍ज़ नाशक

चुकंदर कब्‍ज़ का भी नाश करता है। इसे कच्‍चा चबाने से शरीर को भरपूर मात्रा में फाइबर मिलता है जो पाचन क्रिया को सही रखता है। साथ ही चुकंदर व खीरे का समान मात्रा में रस मिलाकर उसमें एक-दो चम्‍मच नींबू का रस मिला लें और रोज़ नियमित 200-300 मिली सेवन करें। इससे कब्‍ज़ से शीघ्र छुटकारा मिलता है।

खून की कमी

चुकंदर शरीर मे खून की कमी की समस्‍या भी दूर करता है। इसका प्रयोग महिलाएं मासिक धर्म के दौरान भी कर सकती हैं, इससे पर्याप्‍त ताकत मिलती है और शरीर में रक्‍त की मात्रा में वृद्धि होती है। इसमें भरपूर लौह तत्‍व व फोलिक एडिस पाया जाता है, जो रक्‍त निर्माण में सहायक होता है।