अधकपारी व आधाशीशी के दर्द को माइग्रेन कहते हैं। इसका दर्द बहुत तेज़ होता है, जिसे होता है वह सिर्फ़ दर्द से कराहता रहता है। जैसा इसके नाम से स्‍पष्‍ट है कि यह दर्द पूरे सिर में नहीं होता, आधे सिर में ही होता है। या तो दाएं हिस्‍से में होगा या बाएं हिस्‍से में। कभी-कभी यह दर्द आंखों के ऊपर ललाट पर भी हो जाता है। इस दर्द का कोई ख़ास समय नहीं होता, कभी-कभी तो यह सुबह उठते ही शुरू हो जाता है और पूरा दिन ख़राब कर देता है।

आमतौर में एलोपैथ में इस दर्द के लिए दर्द निवारक दवाएं दी जाती हैं। तत्‍काल तो लाभ दिखता है लेकिन होता नहीं है। दवा का असर ख़त्‍म होते ही दर्द शुरू हो जाता है। इन दवाओं के दुष्‍परिणाम अलग से मिलते हैं। आज हम आपको को कारगर घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जो समय पर आपके काम आ सकते हैं।

अधकपारी माइग्रेन का दर्द

अधकपारी में कारगर उपाय

– नियमित रूप से दिन में तीन बार चाय या पानी में एक बूंद तुलसी का अर्क डालकर पीने से लाभ होता है।

– तुवर या हरहर के पत्तों का रस तथा दूब का रस 50-50 ग्राम निकालकर दोनों को ठीक से मिला लें और उसमें 3-4 काली मिर्च कूटकर डाल दें। इसे 15-20 दिन तक नियमित रूप से रोज़ दो-तीन बूंद दोनों नाक में डालें। दर्द चला जाएगा।

– 10-12 बादाम रोज खाने से भी माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है।

– रात को सोते समय बंद गोभी को कूंचकर एक सूती कपड़े में लपेटकर ललाट पर बांधें जब सूख जाए तो पुन: बांध दें। सुविधानुसार इसे दिन में भी बांध सकते हैं। यह अधकपारी का सबसे अच्‍छा इलाज है।

– रोज़ नियमित रूप से सुबह-शाम अंगूर का लगभग 200 मिली रस पीने से भी अधकपारी का दर्द चला जाता है।

– नींबू के छिलके को कूटकर पेस्‍ट बनाकर ललाट पर बांधने से भी फ़ायदा होता है।

Migraine Home Remedies…

– पालक व गाजर का रस अधकपारी में काफी गुणकारी है। दोनों का रस लगभग तीन सौ एमएल पीना चाहिए।

-सूर्योदय के समय 200 ग्राम गर्म जलेबी सूर्य को दिखाने के बाद ख़ुद खाएं, इससे भी लोगों को फ़ायदा होता देखा गया है।

– तीन चम्मच पानी में आधा चम्‍मच सरसो के बीज का पाउडर मिलाकर नाक में रखने से अधकपारी का दर्द कम हो जाता है।

– कपड़े से सिर को कसकर बांधने से भी दर्द कम होता है। इससे सिर में रक्‍त का प्रवाह कम होता है और दर्द में राहत मिल जाती है।

– विटामिन बी कांपलेक्‍स नियमित रूप से कुछ दिन तक लें। इससे अधकपारी के दर्द में लाभ होता है।

– नियमित रूप से हरी सब्ज़ियों व फलों को भोजन में शामिल करें।

– ज़्यादा गरिष्‍ठ व मसालेदार भोजन का प्रयोग न करें।

Keywords– Migraine Pain, Adhakpari ka dard, Aadhashishi ka dard