किशमिश _ Yellow Raisins के बारे में सभी लोग जानते हैं और हर घर में इसका उपयोग भी होता है। स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्टि से अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण यह ड्राइ फ्रूट अनेक बीमारियों में भी लाभकारी हैं। इसमें अनेक प्रकार के औषधीय गुण भरे होते हैं। इसका नियमित सेवन जहां व्‍यक्ति को स्‍वास्‍थ्‍य प्रदान कर बीमारियों से लड़ने की ताकत प्रदान करता हैं, वहीं अनेक बीमारियों से बचाता और उन्‍हें खत्‍म भी करता है। मतलब यह कि कि‍समिश बीमारियों को सिर्फ ठीक ही नहीं करता है, उनकी रोकथाम भी करता है। आज आपसे किशमिश के औषधीय गुणों पर चर्चा करने जा रहे हैं।

किशमिश
Yellow raisins – Kishmish

किशमिश के चमत्कारिक गुण

धातु क्षीणता

इसमें इतनी शक्ति होती है कि यह दो माह में धातु क्षीणता जैसी बीमारी को विदा कर देता है। दो माह तक सुबह नाश्‍ते में प्रतिदिन 25 ग्राम किशमिश का सेवन धातु क्षीणता को खत्‍म कर उसे पुष्‍ट करता है।

अंडकोष का फूलना

विभिन्‍न कारणों से अंडकोष में सूजन आ जाती है, इसमें पानी भर जाता है और अंडकोष बड़ा हो जाता है। इससे चलने-फिरने में तकलीफ होती है, कुछ दूर पैदल चलने के बाद पट्टों में रगड़ पड़ जाती है। एलोपैथ में ऑपरेशन के अलावा कोई विकल्‍प नहीं हैं, कुछ दवाएं दी जाती हैं उसे सुखाने के लिए लेकिन आमतौर पर अंतिम विकल्‍प ऑपरेशन ही होता है। किशमिश आपको दवा व ऑपरेशन से मुक्ति दिला देगा। इसके नियमित सेवन से अंडकोष का पानी सूख जाता है और वह पहले जैसी अवस्‍था में आ जाता है।

पीलिया

किशमिश में आयरन भरपूर मात्रा में मिलता है। साथ ही यह दस्‍तावर व कब्‍ज़नाशक है। यह कब्‍ज़ का नाश करने के साथ ही खून को भी साफ करता है और खून में वृद्धि भी करता है। इसलिए पीलिया की बीमारी में अत्‍यंत लाभप्रद है। चूंकि पीलिया की बीमारी लीवर के कमजोर होने और खून की कमी के कारण ही होती है। यह दोनों समस्‍याओं को दूर कर देता है। पीलिया से पीड़ित लोगों का लीवर ही पहले खराब होता है इसलिए कब्‍ज़ की शिकायत शुरू हो जाती है। किशमिश के नियमित सेवन से कब्‍ज़ का नाश होता है, लीवर को मजबूती मिलती है और धीरे-धीरे पीलिया खत्‍म हो जाता है।

मुंह की बदबू

कुछ लोगों के मुंह से बदबू आती है। इसका मुख्‍य कारण अपच, अजीर्ण व कफ विकृति होती है। यदि कुछ दिन नियमित चबाकर किशमिश खायी जाए तो मुंह की बदबू चली जाती है।

सावधानी

मधुमेह व अतिसार के रोगी सेवन न करें

किशमिश का सेवन मधुमेह के रोगियों को नहीं करना चाहिए। इसमें कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) की मात्रा बहुत अधिक (77.3%) होती है। साथ ही यह दस्‍तावर भी होता है। इसलिए अतिसार के रोगियों को भी इसके सेवन से बचना चाहिए। किशमिश की तासीर गर्म होने के कारण इसे उन बच्‍चों को नहीं देना चाहिए जिन्‍हें बरसात में फोड़े-फुंसी की शिकायत हो जाती है।

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